कपड़े एवं अन्य जरुरी सामग्री पाकर खुश हुए तामिया के गरीब एवं जरूरतमंद जन-समुदाय “निःशुल्क कपडे,साड़ियाँ, बर्तन एवं अन…
मूर्ति पूजा की जाय या नहीं एक राजा था। वह मूर्ति पूजा का घोर विरोधी था। एक दिन एक पंडित उसके राज दरबार में आया और राजा…
बस्ता के बोझ तले सिसकता बचपन “भविष्य उज्ज्वल करने वाली पुस्तकें अगर स्कूली बच्चों पर सितम ढाने लगे; तो उन पुस्तकों पर ब…
(मुफ़्त की रेवड़ियाँ देश के लिए घातक है) अभी हाल में प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि सरकार द्वारा मुफ्त में जो जनता के लिए…
छिंदवाड़ा- कपड़ा बैंक की मुख्य थीम सेवा बने स्वभाव की भावना से प्रेरित होकर कपड़ा बैंक के सदस्य गर्वित पिता तारण कुमार जैन…
ग़रीब की मौत पर क्या रोना क्या धोना। वह इंसान थोड़ी है ।। मरता है ग़रीब, मर जाने दो अब चुनाव थोड़ी है ।। बेबस …
आजकल की नालायक औलाद का इलाज अब 50+की पीढ़ी को बहुत समझदार होने की जरूरत है। इस तरह के केस हर दूसरे घर की कहानी हो गई…
कंफ्यूजन था मैं मेनू देखकर क्या खांऊ, क्या न खांऊ, मेनू पढ़कर घूम गया सिर यहाँ खांऊ या कही जांऊ। पलटते रहा पन्ना बेसब्र…
माँ की दुआओं ने, आज ऐसा काम किया नालायक था जीवन मे, समाज मे ऊँचा नाम दिया। माँ! कोख में रखकर तुमने, न जाने कितने कष्…
आलेख - शरुआती कक्षाओं के बच्चों की शिक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण दौर से निपटने के लिए करना होगा आवश्यक उपाय एक लम्बे समय बा…
कविता - गुमनाम बचपन सडको पर गुजरते दिन, किसी कोने में गुजरती रात ये खुदा! क्या कुसूर है मेरा, क्यों नहीं है तू मेरे सा…
जीवन का बोझ एक कौआ माँस का बड़ा सा टुकड़ा लिये उड़ रहा था तभी बाजों के झुँड ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया कौआ बहुत डर गय…
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