स्नेह ही तर्पण जीवन भर संजोयी पूँजी बाल-बच्चे सब सुखी रहे खुद की इच्छा से आधी की सबको अपनी पूरी मिले। धन-संपदा तो खू…
बेटी@ जब काम से लौटा घर मैं आहत से पहचान जाती है पापा घर आ गए है नीचे सीढ़ी तक आती है। पता नही क्या दिल का रिश्ता या ज…
तजुर्बा जिन्दगी का तजुर्बा कच्चा की रह गया। जब पक्की उम्र में अपनो को खो गया। सोचता, उम्र के साथ गाढ़ी होगी जिंदगी बढ़ती …
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