जिंदगी_Life


कुछ खट्टा कुछ मीठा, मन का एक एहसास है जिंदगी,

प्यार कुछ तकरार, कभी किसी की इकरार है जिंदगी,

कभी रहती साथ, कभी प्रियतम का इंतजार है जिंदगी,

कभी सुंदर सा आईना सी,कभी किसी श्रृंगार है जिंदगी l

कहीं धूप कहीं छांव और, कंही बरसाती प्यास है जिंदगी,

कभी रिमझिम सा मौसम में, बूंदों का एहसास है जिंदगी,

कभी प्रेम की परिभाषा, कभी किसी की खास है जिंदगी,

कभी माया में फसी हुई, तो कभी माया से दूर है जिंदगी l

कोई निडर कोई डरा, कभी मन का अहंकार है जिंदगी,

किसी का नूर, किसी के लिए कौड़ी समान है जिंदगी,

कभी समझ कभी नसीहत, कभी देती सीख है जिंदगी,

कभी आनंद-ख़ुशी में, किसी की गमसान है जिंदगी l

किसी के लिए आराम, तो किसी की हराम है जिंदगी,

कोई काटे जीवन, तो किसी को जीवनदान है जिंदगी,

कभी रुलाती कभी हंसाती,जीवनभर दौडाती है जिंदगी,

कभी सुलझाये कभी किसी को, खूब उलझती है जिन्दगी l

जो जिंदगी के साथ चलें, उसकी मौज मनाती है जिंदगी,

किसी की फूल तो किसी को, शूल सी चुभती है जिंदगी,

किसी को उड़ाए ऊपर तक, किसी को गिरती है जिंदगी,

बड़ी विचित्र सतरंगी है ये, नए-नए रूप दिखाएं जिंदगी l

 

लेखक

श्याम कुमार कोलारे
छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश
9893573770

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