जीवन पथ/ Way of life

जीवन पथ


ये मोटर सी दौड़ती जिंदगी
हर पल हर क्षण दूर ले जाती है
कहीं सपने सुहाने 
कही सुखद मंजिल जाती है।

दुपहियों का चक्र चलता सतत
कदम बढ़ते मंजिल की ओर
चलने वाले चलते रहते 
नही करते व्यर्थ का शोर।

टेढ़े-मेढे पथ है जीवन में
रास्ते बड़े कठिन है
हर कदम पर सीख 
सबक लेना मुश्किल है।

लंबे-लंबे रास्तो को लाँघा है
इन्ही छोटे कदमों से
मंजिल को क्या पता था
जुजुन इन कदमो का।

कई बार जीत ने मुझसे
आंख मिचौली खेली है
कभी दी उम्मीद मुझे
तो कभी उम्मीदें तोड़ी है।

पतवार चलती रही 
शाहिल तलासने को
उम्मीद हो सनक की
जीत के शस्त्र सँभालने को।
___________________________
रचनाकार
श्याम कुमार कोलारे
छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश
9893573770

एक टिप्पणी भेजें

Thanks for reading blog and give comment.

और नया पुराने