साँझ समय एक छोटा गाँव डोलत जैसे जल में नाव टिमटिमाती रोशनी में झिलमिला उठा हर ठाव। दिन बीता चहल हुई ठण्डी हवा शीतल और…
_ अपने भीतर अथाह जानकारियों का सागर समेटने वाला मोबाइल जो देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों को संवारना और निखारना …
महँगाई फलफूल रही जकड़ रही है देश को नए- नए रूप में आकर बदल रही है वेश को हर जगह महँगाई की मार तोड़ रही कमर क…
पथराई अखियन से देखे,नूर कहीं जैसा चला गया आस भरी निगाहों से ये,प्रीत ममता का बेह गया। कलेजे का टुकड़ा बिछडा,बहुत दिन ग…
पैसा की खनक मानो किस्मत चमक जाती है पावन खुशबू से इसके फिजायें महक जाती है धन-वैभव सुख-समृद्धि की ठाव बन जा…
छिन्दवाड़ा- कपड़ा बैंक “सेवा सहयोग संगठन” जिला छिंदवाड़ा, जमीनी स्तर पर गरीब जरूरतमंद एवं असहायों की सहायता के…
बहुत समय पहले की बात है, एक साहूकार के सात बेटे और उनकी एक बहन करवा थी। सभी सातों भाई अपनी बहन से बहुत प्या…
सुबह जल्दी उठकर पुष्पलता अपने दैनिक काम में लग गई । आज सोचा था कि दोपहर के पहले सब काम निपटकर थोड़ी देर आराम करेगी। दि…
चौराहों फुटपाथों पर आम जरुरत की सजी दुकाने तीज त्यौहार या मढ़ई मेला,मोहल्ला का कोई ठेला पेट पालने बच्चों क…
शासकीय महिला पालीटेक्निक महाविद्यालय सीहोर प्रदेश का एकमात्र पालीटेक्निक महाविद्यालय है जहां पर मात्र अनुसू…
मैं भी रखूँगा एक उपवास, होटो पर हो सदा मुस्कान हे! आसमान के उजले चाँद ,नही तू मेरे चाँद सा सुन्दर नित्य आत…
मुलायम लचीला नरम बनो पानी से निर्मल सब काया बिना इसके सब मलीन माया। दाग न रखे यह अपने पास मिटा देता है मुख…
गाँव मेरा एक छोटा सा जीवन उसमे रमता है राम-राम के मीठे धुन से नित्य सवेरा होता है। भोर हुआ जब आवे भानु काज शुरू हो जाता…
हर सख्स में एक हुनर होता है ताउम्र जीने के लिए अक्सर कुछ लोग इसे को पहचान लेते है कुछ को हुनर पहचान लेता है । ऐसा हरग…
ऊंचे ऊंचे पेड़ देखो गगन को झू रहे हरि-हरि पत्तियों में मंद मुस्कान है सीना ताने एक एकजुट होकर ये तरु लक्ष्य के भेदन को द…
हे रावण! तू संभल जा क्यो मुह उठा कर आता है बुराइयों का प्रतीक मानकर तुझे हर साल जलाया जाता है । छल-कपट धोखा अहंकारी त…
मैं हर साल पश्चाताप की अग्नि से जलता हूँ, अब मैं रावण बन हर साल नहीं जलना चाहता मैंने अपने अहंकार और अपनी शक्ति के द्…
चौरई(छिंदवाडा) -“कपड़ा बैंक” सेवा सहयोग संगठन चौरई के द्वारा नवरात्रि के पावन पर्व पर कन्याओं एवं माताओं बहनों को वस्त्…
किसी अंजान की निःस्वार्थ मदद करना और उससे कुछ भी ना चाहना, इंसानियत होती है । दुःख, तकलीफ, जुल्म, परेशानी देना शैतानो…
पिछली पंक्ति के कोने में बैठा हुआ एक बच्चा मन में उमड़ती आशाएं मन का मानों सच्चा दो साल गुजर गए न देखे स्कूल पढ़ाई स…
संकलन : कोमल भावरकर (छिंदवाड़ा) इस तथ्य को थोड़ा गहराई से पढिये । बिखरते परिवार , टूटता समाज और दम तोड़ते रिश्ते.! जरा …
जिन्दगी में कीमती चेन हो ना हो मगर जिन्दगीं में सुकून की चैन होना चाहिए, चमकता सोना अपने पास हो ना हो मगर, सो…
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